Article December 22, 2015

O Gadādhara [Kṛṣṇa], our kingdom is now being marked by the impressions of Your feet, and therefore it appears beautiful. But when You leave, it will no longer be so.
All these cities and villages are flourishing in all respects because the herbs and grains are in abundance, the trees are full of fruits, the rivers are flowing, the hills are full of minerals and the oceans full of wealth. And this is all due to Your glancing over the....

आया था किस काम को
तू सोया चादर तान,
सुरत संभाल ए गाफिला
अपना आप पहचान||
चींटी से हस्ति तलक जितने...

परन्तु जो मेरे परायण रहने वाले भक्तजन सम्पूर्ण कर्मों को मुझमें अर्पण करके मुझ सगुणरूप परमेश्वर को ही अनन्य भक्तियोग से निरन्तर चिन्तन करते हुए भजते हैं। हे अर्जुन! उन मुझमें चित्त लगाने वाले प्रेमी भक्तों का मैं शीघ्र ही मृत्यु रूप संसार-समुद्र से उद्धार करने वाला होता हूँ॥....