HareKrishna‬

जिन मनुष्यों ने पूर्वजन्मों में तथा इस जन्म में पुण्यकर्म किये हैं और जिनके पापकर्मों का पूर्णतया उच्छेदन हो चुका होता है, वे मोह के द्वन्द्वों से मुक्त हो जाते हैं और वे संकल्पपूर्वक मेरी सेवा में तत्पर होते हैं |
O scion of Bharata [Arjuna], O conquerer of the foe, all living entities are born into delusion, overcome by the dualities of desire and hate....

बुद्धिहीन मनुष्य मुझको ठीक से न जानने के कारण सोचते हैं कि मैं (भगवान् कृष्ण) पहले निराकार था और अब मैंने इस स्वरूप को धारण किया है | वे अपने अल्पज्ञान के कारण मेरी अविनाशी तथा सर्वोच्च प्रकृति को नहीं जान पाते |
Unintelligent men, who know Me not, think that I have assumed this form and personality. Due to their small knowledge, they do not know My higher nature, which is changeless and supreme....

One day a female eagle was flying over a place where some hens and chickens were living. At that time the eagle was pregnant and because of some shock, her 2 eggs fell down from her stomach. One hen went and sat on top of first egg and started incubating and thus slowly developing motherly affection for that eagle’s egg. In course of time, the baby eagle came out of the egg, but was looking very ugly....

तुम जान लो कि मेरी शक्ति द्वारा सारे गुण प्रकट होते हैं, चाहे वे सतोगुण हों, रजोगुण हों या तमोगुण हों | एक प्रकार से मैं सब कुछ हूँ, किन्तु हूँ स्वतन्त्र | मैं प्रकृति के गुणों के अधीन नहीं हूँ, अपितु वे मेरे अधीन हैं |
All states of being-be they of goodness, passion or ignorance-are manifested by My energy. I am, in one sense, everything-but I am independant. I am not under the modes of this material nature...