‎BhagvamGita

भगवान् श्रीकृष्ण ने कहा – हे महाबाहो कुन्तीपुत्र! निस्सन्देह चंचल मन को वश में करना अत्यन्त कठिन है; किन्तु उपयुक्त अभ्यास द्वारा तथा विरक्ति द्वारा ऐसा सम्भव है |
The Blessed Lord said: O mighty-armed son of Kuntī, it is undoubtedly very difficult to curb the restless mind, but it is possible by constant practice and by detachment....