Article November 28, 2016

नानक जी के पास सतसंग में एक छोटा लड़का प्रतिदिन आकर बैठ जाता था।
एक दिन नानक जी ने उससे पूछाः- "बेटा, कार्तिक के महीने में सुबह इतनी जल्दी आ जाता है, क्यों?"
वह छोटा लड़का बोलाः- "महाराज, क्या पता कब मौत आकर ले जाये?"
नानक जीः- "इतनी छोटी-सी उम्र का लड़का, अभी तुझे मौत थोड़े मारेगी?
अभी तो तू जवान होगा, बूढ़ा होगा, फिर मौत आयेगी।
लड़का बोलाः- "महाराज, मेरी माँ चूल्हा जला रही थी, बड़ी-बड़ी लकड़ियों को आगने नहीं पकड़ा तो फिर उन्होंने मुझसे छोटी-छोटी लकड़ियाँ मँगवायी।
माँ ने छोटी-छोटी लकड़ियाँ डालीं तो उन्हें आग ने जल्दी पकड़ लिया।
इसी तरह हो सकता है मुझे भी छोटी उम्र में ही मृत्यु पकड़ ले, इसीलिए मैं अभी से सतसंग में आ जाता हूँ।"
इसलिए जल्दी से परमात्मा से प्रेम करके जीवन सफल बना लो इन स्वांसो से बडा दगाबाज कोइ नही है, कहीं बाद मे पछताना ना पडे..
जल्दी से जतन करके राघव को रिझाना है,
थोड़े दिन ही तो रहना है, माया की कुठरिया में।

 
अनेकचित्तविभ्रान्ता मोहजालसमावृताः।प्रसक्ताः कामभोगेषु पतन्ति नरकेऽशुचौ॥
इस प्रकार अज्ञान से मोहित रहने वाले तथा अनेक प्रकार से भ्रमित चित्त वाले मोहरूप जाल से समावृत और विषयभोगों में अत्यन्त आसक्त आसुरलोग महान्‌ अपवित्र नरक में गिरते हैं ॥16॥

 
Translation of Lecture by Shree Maharajji

Everyone knows that worldly attainments are transient, and that God is the only reality.  When a death occurs, we say, "Ram Naam Satya Hai (The only reality is the name of God)."  So, when we know that the world cannot give us happiness, then to make material demands from God is in-discrimination.  Let us understand why it is wrong to askGod for worldly things.

Translation of Lecture by Shree Maharajji

Everyone knows that worldly attainments are transient, and that God is the only reality.  When a death occurs, we say, "Ram Naam Satya Hai (The only reality is the name of God)."  So, when we know that the world cannot give us happiness, then to make material demands from God is in-discrimination.  Let us understand why it is wrong to askGod for worldly things.