Article December 21, 2015

वे सैकड़ों हज़ारों गोपियाँ मुझे ही अपना सर्वाधिक मनोहर प्रेमी जान कर तथा इस तरह मुझे अत्यधिक चाहते हुए मेरे वास्तविक पद से अपरिचित थीं | फिर भी मुझ से घनिष्ट संगति करके गोपियों ने मुझ परम सत्य को प्राप्त किया |....

Radha Gokulanand temple was the bhajan kutir of Lokanath Goswami. He was born in the Jessore district of Bangladesh. His father’s name was Padmanabha and his mother was Sita. They were great devotees and associates of Sri Advaita Acharya. When he was a young man, he went to Sri Navadwip dham and took shelter of Lord Caitanya. Lord Caitanya told him that soon He was going to accept sannyasa and that he should leave for Vrindavan since he would not be able to bear the pain of s...

भगवद् भक्ति में शुद्धता का होना अति आवश्यक है, शुद्धता दो प्रकार की होती है बाहरी और आंतरिक शुद्धता | बाहरी शुद्धता का अभिप्राय शरीर की शुद्धता है तथा आंतरिक शुद्धता के लिए मनुष्य को कृष्ण का चिंतन निरंतर करना चाहिए जो की हमारे पूर्व जन्मों के पापों को नष्ट करता है और हमारी इंद्रियों को शुद्ध करता है | इस प्रकार हमारी आसक्ति विषयासक्त मनुष्यों के समुदाय में नहीं रहती |....

भगवद् भक्ति में शुद्धता का होना अति आवश्यक है, शुद्धता दो प्रकार की होती है बाहरी और आंतरिक शुद्धता | बाहरी शुद्धता का अभिप्राय शरीर की शुद्धता है तथा आंतरिक शुद्धता के लिए मनुष्य को कृष्ण का चिंतन निरंतर करना चाहिए जो की हमारे पूर्व जन्मों के पापों को नष्ट करता है और हमारी इंद्रियों को शुद्ध करता है | इस प्रकार हमारी आसक्ति विषयासक्त मनुष्यों के समुदाय में नहीं रहती |....

बाँह पकड़ गुरु पार लगावे,
गुरु का सेवक क्यों घबरावे |
अहंकार न आवे पास....