Article October 26, 2015

पूर्ण पुरुषोत्तम भगवान ने उद्धव से कहा : हे उद्धव, मैंने मनुष्य के उत्थान के तीन मार्ग प्रस्तुत किये हैं-- ज्ञान मार्ग, कर्म मार्ग तथा भक्ति मार्ग | इन तीनों के अतिरिक्त ऊपर उठने का अन्य कोई साधन नहीं है |
तीनों मार्गों में से ज्ञान योग अर्थात दार्शनिक चिंतन का मार्ग उन लोगों के लिए संस्तुत किया गया है, जो भौतिक जीवन से ऊब चुके हैं और सामान्य सकाम कर्मों से विरक्त हैं | जो लोग भौतिक जीवन से ऊबे नहीं हैं और जिन्हें अब भी अनेक इच्छाएँ पूरी करनी हैं, उन्हें कर्म-योग के माध्यम स....

दर्द में भी जो हँसना चाहो,
तो हंस पाओगे;
टूटे फूलों को भी पानी में डालो,
तो उनमें भी महक पाओगे;
ज़िंदगी किसी ठहराव में,....

श्रीभगवान् ने उत्तर दिया – मुक्ति में लिए तो कर्म का परित्याग तथा भक्तिमय-कर्म (कर्मयोग) दोनों ही उत्तम हैं | किन्तु इन दोनों में से कर्म के परित्याग से भक्तियुक्त कर्म श्रेष्ठ है |
The Blessed Lord said: The renunciation of work and work in devotion are both good for liberation. But, of the two, work in devotional service is better than renunciation of works....

It was the ninth day of the bright half of the sacred month of Chaitra; the moon had entered the asterism named Abhijit, which is so dear to Lord Hari. The sun was at its meridian; the day was neither cold nor hot. It was a holy time which gave rest to the whole world. A cool, soft and fragrant breeze was blowing. The gods were feeling exhilarated and the saints were bubbling with enthusiasm. The woods were full of blossoms....

वास्तविक धार्मिक सिद्धांत वे हैं, जो मनुष्य को मेरी भक्ति तक लाते हैं | असली ज्ञान वह जानकारी है, जो मेरी सर्वव्यापकता को प्रकट करती है | इंद्रिय तृप्ति की वस्तुओं में पूर्ण अरुचि ही वैराग्य है |....

गुरु समान दाता नही, याचक सीष समान |
तीन लोक की संपदा, सो गुरु दीनी दान ||
Jai Jai Guruji......

Shringar VataShringar Vata lies a little towards east from Imli Tal (in the direction of Keshi Ghat) on the banks of the Yamuna. A Banyan tree is called Vata in Sanskrit. The word Shringar means decoration. Thus, Shringar Vata, as the name suggests, means the Banyan tree where Krishna was decorated or the place where Krsna decorates Shrimati Radharani. Shringar Vata is also known as Nityananda Vata. Radhanath Swami explained on one of his pilgrimages to Shringar....

अर्जुन ने कहा – हे कृष्ण! पहले आप मुझसे कर्म त्यागने के लिए कहते हैं और फिर भक्तिपूर्वक कर्म करने का आदेश देते हैं | क्या आप अब कृपा करके निश्चित रूप से मुझे बताएँगे कि इन दोनों में से कौन अधिक लाभप्रद है?
Arjuna said: O Kṛṣṇa, first of all You ask me to renounce work, and then again You recommend work with devotion. Now will You kindly tell me definitely which of the two is more beneficial?....