श्रीराम: शरणम ।।

 

श्रीराम: शरणम ।।

*भजन*

संसार के लोगों से आशा ना किया करना,
जब कोई ना हो अपना, श्री राम कहा करना।

राम राम राम राम

जीवन के समुन्दर में, तूफ़ान भी आतें हैं,
जो हरि को भजतें हैं, हरि आप बचाते हैं

वो आप ही आएंगे, बस याद किया करना,
जब साथ ना दे कोई, श्री राम जपा करना

यह सोच अरे बन्दे, प्रभु तुझ से दूर नहीं,
कोई कष्ट हो भगतों को, प्रभु को मंजूर नहीं।

भगवान को आता है, भगतों पे दया करना,
जब कोई ना हो अपना, श्री राम कहा करना॥

मत भूल अरे भैया, यह देश बेगाना है,
दुनिया में आ कर के, वापस तुझे जाना है।

माया के बंधन से दिन रात बचा करना,
जब कोई ना हो अपना, श्री राम कहा करना॥

द्रोपदी ने पुकारा था, प्रभु भी बेचैन हुए,
वो चीर बढ़ाने को, खुद चीर में प्रगट हुए।

वोही लाज बचाएंगे, बस ध्यान किया करना,
जब कोई ना हो अपना, श्री राम कहा करना॥

*राम राम राम राम राम राम राम राम*

 

Recent Post

Today's Most Popular

All Time Most Popular