Krishna

 

इंद्रिय तृप्ति की वस्तुओं का ध्यान धरने वाले का मन निश्चय ही ऐसी वस्तुओं में उलझा रहता है, किंतु यदि कोई निरंतर मेरा स्मरण करता है, तो उसका मन मुझमें निमग्न हो जाता है |

 

Recent Post

Today's Most Popular

All Time Most Popular