Gita Saar

 

इन्द्रिय-इन्द्रिय के अर्थ में अर्थात प्रत्येक इन्द्रिय के विषय में राग और द्वेष छिपे हुए स्थित हैं। मनुष्य को उन दोनों के वश में नहीं होना चाहिए क्योंकि वे दोनों ही इसके कल्याण मार्ग में विघ्न करने वाले महान्‌ शत्रु हैं॥

Attraction and repulsion for sense objects are felt by embodied beings, but one should not fall under the control of senses and sense objects because they are stumbling blocks on the path of self-realization.

 

Recent Post

Today's Most Popular

All Time Most Popular