Gita Saar

 

जो कोई भक्त मेरे लिए प्रेम से पत्र, पुष्प, फल, जल आदि अर्पण करता है, उस शुद्धबुद्धि निष्काम प्रेमी भक्त का प्रेमपूर्वक अर्पण किया हुआ वह पत्र-पुष्पादि मैं प्रीतिसहित ग्रहण करता हूँ॥
If one offers Me with love and devotion a leaf, a flower, fruit a water, I will accept it.

 

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